Nadiyo Ke Kinare Base Shahar

Nadiyo Ke Kinare Base Shahar । 100+ नदियों के किनारे बसे प्रमुख शहर

Nadiyo Ke Kinare Base Shahar -भारत में मौजूद नदियां देश के आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास में आज से नहीं बल्कि प्राचीन काल से अहम भूमिका निभा रही है। देश में सबसे अधिक जनसंख्या एवं कृषि प्रधान क्षेत्र नदियों के किनारे नहीं होते हैं। पुराने समय में यातायात एवं व्यापारिक सुविधा को देखते हुए अधिकतर शहर नदियों के किनारे ही विकसित हुए हैं। साथ ही हर प्रकार की प्रतियोगी परीक्षा में  Nadiyo Ke Kinare Base  Nagar से संबंधित कई प्रश्न भी पूछे जाते हैं।

ऐसे में आज के इसलिए के द्वारा हम आपको भारत में मौजूद नदियों के किनारे बसे प्रमुख शहर के बारे में बताने वाले हैं। अगर आप किसी भी तरह की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं या Nadiyo Ke Kinare Base Sahar के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो यह लेख आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। तो आई इस लेख को शुरू करते हैं और जानते हैं कि हमारे देश में नदियों के किनारे कौन-कौन से प्रमुख शहर बसे हुए हैं।

गंगा नदी के किनारे बसे शहर । Nadiyo Ke Kinare Base Shahar

गंगा नदी भारत देश की सबसे पवित्र नदी में से एक मानी जाती है, साथ ही यह भारत की सबसे लंबी नदियों में से एक है। गंगा नदी को भारत में मां का दर्जा दिया जाता है और यह भारत की राष्ट्रीय नदी है। गंगा नदी भारत देश में उत्तर पूर्वी भाग में स्थित है जो कि उत्तर के कई शहरों से होकर गुजरती है और बंगाल की खाड़ी में जाकर गिरती है। तो आईए जानते हैं गंगा नदी के किनारे प्रमुख शहर:-

हरिद्वार:- उत्तराखंड राज्य में स्थित हरिद्वार हिंदू धर्म में साथ सबसे पवित्र स्थलों में से एक माना गया है। गंगा नदी पहाड़ों से उतरकर मैदानी इलाकों में सबसे पहले हरिद्वार में ही प्रवेश करती है। हरिद्वार अपने कई मंदिरों एवं घाटों के लिए प्रसिद्ध है। साथी हरिद्वार वह शहर है जहां भगवान विष्णु ने अपने पद्धति ने छोड़े थे। हर साल लाखों-करोड़ों भक्त हरिद्वार आते हैं और स्वयं को शुद्ध करने के लिए गंगा नदी में डुबकी लगाते हैं।

ऋषिकेश:- हरिद्वार के बाद गंगा नदी ऋषिकेश में प्रवेश करती है जो कि उत्तराखंड का ही एक शहर है। ऋषिकेश को योग राजधानी माना गया है क्योंकि यह अपने प्राचीन आश्रमों, आयुर्वेदिक दावों, प्रमुख मंदिर, योग केंद्रों के लिए मशहूर है। यहीं पर भारत के प्राचीन चार धाम यात्रा स्थल है, जो की यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ हैं।

वाराणसी:- वाराणसी जिसे पहले के समय में काशी के नाम से जाना जाता था, यह भारत के सबसे पुराने और पवित्र शहरों में से एक है। वाराणसी के हवा में ही भक्ति है इसीलिए वाराणसी को आध्यात्मिक राजधानी माना जाता है। वाराणसी अपने कई घाटों के लिए प्रसिद्ध है जहां लोग स्वयं को शुद्ध करने के लिए मां गंगा में स्नान करते हैं। साथी वाराणसी में सबसे पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक काशी विश्वनाथ मंदिर भी मौजूद है।

इलाहाबाद:- इलाहाबाद शहर को प्रयागराज नाम से जाना जाता है, उत्तर प्रदेश में मौजूद सातवां सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर है। इस शहर को हिंदू धर्म के अनुसार पवित्र शहर माना गया है क्योंकि यह गंगा, जमुना और सरस्वती नदियां मिलती है। इसके अलावा प्रयागराज कुंभ के लिए पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध है जो हर 12 साल में होने वाला एक प्रमुख तीर्थ है।

कानपुर:- कानपुर शहर उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है जो राधा कृष्ण मंदिर के लिए पूरे भारतवर्ष में प्रसिद्ध है। इसे पहले के समय में मैनचेस्टर भी कहा जाता था। यहां प्रतिदिन हजारों लोग राधा कृष्ण के मंदिर आकर प्रार्थना करते हैं।

पटना:- पटना बिहार की राजधानी है जो कि अपने कई प्रसिद्ध मंदिरों के लिए काफी ज्यादा मशहूर है। पटना में महावीर मंदिर हनुमान मंदिर सहित कई और पवित्र स्थल भी हैं। साथ ही पटना में सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह का जन्म हुआ था। पटना में गंगा नदी के किनारे कई मशहूर घाट हैं जहां लोग प्रतिदिन बैठना पसंद करते हैं और साथ ही गंगा आरती का आनंद लेते हैं।

यमुना नदी के किनारे बसे शहर

यमुना नदी जो की गंगा नदी की दूसरे सबसे बड़ी सहायक नदी है, इसके कुल लंबाई 1376 किलोमीटर है। यमुना नदी इलाहाबाद में त्रिवेणी संगम में शामिल होने से पहले गंगा नदी का हिस्सा है जो कि उत्तर प्रदेश में मौजूद है। यमुना नदी का स्रोत यमुनोत्री ग्लेशियर है जो कि हिमालय में मौजूद है।

हिंदू धर्म के हिसाब से यमुना नदी का बहुत ही महत्व है क्योंकि भगवान कृष्ण की युवावस्था के दौरान उनके कई कारनामें इस नदी के साथ जुड़ा हुआ है। आपको बता दें कि यमुना नदी उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, और उत्तर प्रदेश राज्यों से गुजरती है और इनके किनारे दिल्ली, मथुरा, नोएडा, फिरोजाबाद, आगरा, कालपी, इटावा, प्रयागराज, हमीरपुर जैसे शहर मौजूद है।

गोदावरी नदी के किनारे बसे शहर

गोदावरी नदी को भी भारत के प्रमुख नदियों में से एक माना गया है जो कि पश्चिम से दक्षिण भारत तक जाती है। गंगा नदी के बाद भारत की सबसे लंबी नदी गोदावरी नदी ही है क्योंकि यह 1465 किलोमीटर तक बहती है। तो आईए जानते हैं गोदावरी नदी के किनारे बसें प्रसिद्ध और प्रमुख शहर।

नासिक:- नासिक शहर महाराष्ट्र राज्य में स्थित है जो कि हिंदू के लिए इतिहास एक और धार्मिक स्थान माना जाता है। नासिक शहर अपने दाख की बारियों के लिए भी मशहूर है और इसे साथ ही शराब की राजधानी भी कहा जाता है।

नांदेड़:- यह शहर भी महाराष्ट्र राज्य में मौजूद है जो की गोदावरी के तट पर पाया जाता है। यह स्थल सिखों के लिए एक आवश्यक और धार्मिक स्थल के रूप में मौजूद है। आपको बता दे कि सिख धर्म के पांच पवित्र स्थान में से एक स्थान इस शहर में मौजूद है, जिसका नाम तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब है।

राजमुंदरी:- यह शहर भारत के दक्षिण में स्थित आंध्र प्रदेश राज्य का हिस्सा है जो की गोदावरी नदी के तट पर मौजूद है। पुराने इतिहास और समाज के कारण इसे आंध्र प्रदेश की ‘संस्कृति राजधानी’ के नाम से जाना जाता है। इस शहर में गोदावरी ब्रिज और इस्कॉन मंदिर मौजूद है जहां लोगों की भीड़ उमड़ती है।

कोव्वुर:- कोव्वुर शहर आंध्र प्रदेश में स्थित है जो की गोदावरी नदी के तट पर पाया जाता है। यह शहर नारियल और चावल के उत्पादन के लिए भारतवर्ष में प्रसिद्ध है। किसके साथ ही शहर में मशहूर कोव्वुर-काकीनाडा ब्रिज मौजूद है, जिसे पूरे एशिया में सबसे लंबे केबल-स्टे ब्रिज के रूप में जाना जाता है।

भारत की नदियों के किनारे बसे हुए सभी शहर की सूची । Nadiyo Ke Kinare Base Shahar Ke Naam

शहर नदी राज्य
गंगाखेड़ गोदावरी महाराष्ट्र
आगरा यमुना उत्तर प्रदेश
अहमदाबाद साबरमती गुजरात
इलाहाबाद गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर उत्तर प्रदेश
अयोध्या सरयू उत्तर प्रदेश
बद्रीनाथ अलकनंदा उत्तराखंड
बांकी महानदी ओडिशा
कटक महानदी ओडिशा
बरानगर गंगा पश्चिम बंगाल
ब्रह्मपुर रुशिकुल्या ओडिशा
छत्रपुर रुशिकुल्या ओडिशा
भागलपुर गंगा बिहार
कोलकाता हुगली पश्चिम बंगाल
कटक महानदी ओडिशा
नयी दिल्ली यमुना दिल्ली
डिब्रूगढ़ ब्रह्मपुत्र असम
दीसा बनास गुजरात
फिरोजपुर सतलुज पंजाब
गुवाहाटी ब्रह्मपुत्र असम
हरिद्वार गंगा उत्तराखंड
हैदराबाद मूसी तेलंगाना
करीमनगर मानेर तेलंगाना
रामगुंडम गोदावरी तेलंगाना
जबलपुर नर्मदा मध्य प्रदेश
कानपुर गंगा उत्तर प्रदेश
कोटा चंबल राजस्थान
जम्मू तवी जम्मू और कश्मीर
जौनपुर गोमती उत्तर प्रदेश
पटना गंगा बिहार
राजमुंदरी गोदावरी आंध्र प्रदेश
श्रीनगर झेलम जम्मू और कश्मीर
सूरत तापी गुजरात
वाराणसी गंगा उत्तर प्रदेश
विजयवाड़ा कृष्णा आंध्र प्रदेश
वडोदरा विश्वामित्री गुजरात
मथुरा यमुना उत्तर प्रदेश
मोडासा मजूम गुजरात
मिर्जापुर गंगा उत्तर प्रदेश
मोरबी माचू गुजरात
औरैया यमुना उत्तर प्रदेश
इटावा यमुना उत्तर प्रदेश
बैंगलोर वृषभावती कर्नाटक
फर्रुखाबाद गंगा उत्तर प्रदेश
रांगपो तीस्ता सिक्किम
राजकोट अजी गुजरात
गया फल्गु (नीरंजना) बिहार
फतेहगढ़ गंगा उत्तर प्रदेश
कन्नौज गंगा उत्तर प्रदेश
मंगलौर नेत्रावती, गुरुपुरा कर्नाटक
शिमोगा तुंगा नदी कर्नाटक
भद्रावती भद्र कर्नाटक
होसपेट तुंगभद्रा कर्नाटक
कारवार काली कर्नाटक
बागलकोट घटप्रभा कर्नाटक
होनावर शरावती कर्नाटक
हिम्मतनगर हाथमती गुजरात
ग्वालियर चंबल मध्य प्रदेश
गोरखपुर राप्ती उत्तर प्रदेश
लखनऊ गोमती उत्तर प्रदेश
कानपुर छावनी गंगा उत्तर प्रदेश
शुक्लगंज गंगा उत्तर प्रदेश
चकेरी गंगा उत्तर प्रदेश
मालेगांव गिरना नदी महाराष्ट्र
संबलपुर महानदी ओडिशा
राउरकेला ब्राह्मणी ओडिशा
पाटन सरस्वती गुजरात
पुणे मुला, मुथा महाराष्ट्र
रायरंगपुर खड़खाई ओडिशा
वलसाड औरंगा गुजरात
मदुरै वैगई तमिलनाडु
तिरुचिरापल्ली कावेरी तमिलनाडु
चेन्नई कूम, अडयार तमिलनाडु
कोयंबटूर नोयल तमिलनाडु
इरोड कावेरी तमिलनाडु
तिरुनेलवेली Thamirabarani तमिलनाडु
भरूच नर्मदा गुजरात
कर्जत उल्हास महाराष्ट्र
नासिक गोदावरी महाराष्ट्र
महाड सावित्री महाराष्ट्र
नांदेड़ गोदावरी महाराष्ट्र
नवसारी पूर्णा गुजरात
कोल्हापुर पंचगंगा महाराष्ट्र
नेल्लोर पेन्नार आंध्र प्रदेश
कुरनूल तुंगभद्रा आंध्र प्रदेश
निजामाबाद गोदावरी तेलंगाना
सांगली कृष्णा महाराष्ट्र
कराड कृष्णा, कोयना महाराष्ट्र
हाजीपुर गंगा बिहार
उज्जैन शिप्रा मध्य प्रदेश
अष्ट पार्वती मध्य प्रदेश
कांचीपुरम वेगवती, पलार तमिलनाडु
तंजावुर वेन्नारु, वडवारु तमिलनाडु
मुर्शिदाबाद हुगली पश्चिम बंगाल
मुंगेर गंगा बिहार
जमालपुर गंगा बिहार
पूर्णिया कोशी बिहार
गोलेगांव गोदावरी महाराष्ट्र
शाहजहांपुर पियक्कड़ उत्तर प्रदेश
अमरावती कृष्णा आंध्र प्रदेश

निष्कर्ष:

भारत देश में एक नहीं बल्कि कई नदियां मौजूद है जो की भारत को सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाती है। प्राचीन काल में अधिकतर शहर नदी के किनारे ही बसा करते थे क्योंकि नदी के किनारे मिट्टी काफी उपजाऊ होती है। साथ ही यातायात करने में लोगों को आसानी मिलती थी। ऐसे में आज के इस लेख के द्वारा हमने आपको नदियों के किनारे बसे शहर के बारे में जानकारी दी है। Nadiyo Ke Kinare Base nagar से संबंधित प्रश्न प्रतियोगी परीक्षा में भी पूछे जाते हैं इसलिए ऊपर दिए गए लेख आपके लिए काफी महत्वपूर्ण है। उम्मीद करता हूं आपको यह लेख पसंद आया होगा, इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद।

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