Bharat ke Pramukh Parvat

Bharat ke Pramukh Parvat । भारत के प्रमुख पर्वतों की सूची  । Bharat ke Parvat

Bharat ke Pramukh Parvat- भारत एक ऐसा देश है जों अपने संस्कृति के साथ-साथ समृद्ध पर्यावरण के लिए भी जाना जाता है। भारत में कई बर्फीले पहाड़, सदाबहार जंगल, शुल्क रेगिस्तान, लंबे तट, उपजाऊ मैदान आदि मौजूद है जो देश के सुंदरता को बढ़ाते हैं। भारत में कई ऐसे प्रमुख पर्वत है जहां लोग जाना पसंद करते हैं जिससे वह जगह मुख पर्यटन स्थल बना हुआ है।

ऐसे में आज के इस लेख के द्वारा हम आपको भारत के प्रमुख पर्वतों के बारे में बताने वाले हैं। अगर आप कोई कॉम्पिटेटिव एक्जाम की तैयारी कर रहे हैं तो यह लेख आपके लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि कॉम्पिटेटिव एक्जाम में पर्वतों से संबंधित कई प्रश्न पूछे जाते हैं। अगर आप Bharat ke Pramukh Parvat से संबंधित जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

भारत में मौजूद उत्तर से दक्षिण तक के प्रमुख पर्वतों की सूची

इस सूची में हमने भारत में मौजूद सभी पर्वतों के बारे में बताया है, जिससे आप पर्वत की ऊंचाई श्रेणी और राज्य के बारे में भी जान सकते हैं।

पहाड़ों की सूची

ऊंचाई (मीटर)

श्रेणी

राज्य

कंचनजंगा 8,586 हिमालय सिक्किम
नंदा देवी 7,816 गढ़वाल हिमालय उत्तराखंड
कामेट पर्वत 7,756 गढ़वाल हिमालय उत्तराखंड
साल्टोरो कांगरी / K10 7,742 साल्टोरो काराकोरम लद्दाख
सासेर कांगड़ी I/K22 7,672 सासेर काराकोरम लद्दाख
मामोस्तोंग कांगरी / K35 7,516 रिमो काराकोरम लद्दाख
सासेर कांगड़ी II E 7,513 सासेर काराकोरम लद्दाख
सासेर कांगड़ी III 7,495 सासेर काराकोरम लद्दाख
तेराम कांगड़ी I 7,462 सियाचिन काराकोरम लद्दाख
जोंगसोंग चोटी 7,462 कंचनजंगा हिमालय सिक्किम
के12 7,428 साल्टोरो काराकोरम लद्दाख
कबरू एन 7,412 कंचनजंगा हिमालय सिक्किम
गेन्ट कांगड़ी 7,401 साल्टोरो काराकोरम लद्दाख
रिमो I 7,385 रिमो काराकोरम लद्दाख
तेराम कांगड़ी III 7,382 सियाचिन काराकोरम लद्दाख
किरात चूली 7,362 कंचनजंगा हिमालय सिक्किम
माना पीक 7,272 गढ़वाल हिमालय उत्तराखंड
अप्सराओं कांगड़ी 7,245 सियाचिन काराकोरम लद्दाख
मुकुट पर्वत 7,242 गढ़वाल हिमालय उत्तराखंड
रिमो III 7,233 रिमो काराकोरम लद्दाख
सिंघी कांगड़ी 7,202 सियाचिन काराकोरम लद्दाख
हरदेओल 7,161 कुमाऊँ हिमालय उत्तराखंड
चौखम्बा I / बद्रीनाथ शिखर 7,138 गढ़वाल हिमालय उत्तराखंड
नन-कुन 7,135 ज़ांस्कर हिमालय लद्दाख
पौहुनरी 7,128 सिक्किम हिमालय सिक्किम
पथिभरा / पिरामिड 7,123 कंचनजंगा हिमालय सिक्किम
त्रिशूल I 7,120 कुमाऊँ हिमालय उत्तराखंड
सतोपंथ 7,075[1] गढ़वाल हिमालय उत्तराखंड
तिरसुली 7,074 गढ़वाल हिमालय उत्तराखंड
चोंग कुमडांग री 7,071[2] रिमो काराकोरम लद्दाख
दूनागिरी 7,066 गढ़वाल हिमालय उत्तराखंड
कांग्टो 7,060 असम हिमालय अरुणाचल प्रदेश
न्येगयी कंसांग 7,047 असम हिमालय अरुणाचल प्रदेश
पद्मनाभ 7,030[2] रिमो काराकोरम लद्दाख
शुडु त्सेम्पा 7,024[4] सिक्किम हिमालय सिक्किम
चामशेन कांगरी / तुघमो ज़र्पो 7,017[5] सासेर काराकोरम लद्दाख
अक ताश 7,016[6] रिमो काराकोरम लद्दाख
चोंग कुमडांग री II 7,004[2] रिमो काराकोरम लद्दाख
ऋषि पहाड़ 6,992 कुमाऊँ हिमालय उत्तराखंड
थलय सागर 6,984 गढ़वाल हिमालय उत्तराखंड
लक्ष्मी पर्वत 6,983 रिमो काराकोरम लद्दाख
केदारनाथ मुख्य 6,968 गढ़वाल हिमालय उत्तराखंड
लांगपो 6,965[7] सिक्किम हिमालय सिक्किम
सरस्वती पर्वत I/सरस्वती शिखर 6,940[1] गढ़वाल हिमालय उत्तराखंड
शाही कांगड़ी 6,934[8] मध्य तिब्बती पठार लद्दाख
श्री कैलाश 6,932 गढ़वाल हिमालय उत्तराखंड
कलंका 6,931 गढ़वाल हिमालय उत्तराखंड
चोर्टेन न्यिमारी 6,927[7] सिक्किम हिमालय सिक्किम
सफ़ मिनल / पृ. 6911 6,911[9] गढ़वाल हिमालय उत्तराखंड
पंचचूली II 6,904[10] कुमाऊँ हिमालय उत्तराखंड

Bharat ke Pramukh Parvat । भारत के पर्वत

कंचनजंगा पर्वत (Kanchanjanga Parvat)

भारत के प्रमुख पर्वतों में सबसे पहला नाम कंचनजंगा पर्वत का आता है। कंचनजंगा पर्वत भारत की सबसे ऊंची और दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची पर्वत है। यह पर्वत भारत और नेपाल के बॉर्डर पर ग्रेट हिमालय पर्वतमाला के सिक्किम में मौजूद है। इसकी ऊंचाई 8546 मीटर है। इस पर्वत का नाम कंचनजंगा है जिसका अर्थ “बर्फ के पांच खजाने” (चांदी, रत्न, सोना, अनाज और पवित्र पुस्तकें) होता हैं।

कैलाश पर्वत (Kailash Parvat)

भारत में कैलाश पर्वत का एक धार्मिक स्थान है, भारत के लोगों का ऐसा मानना है कि कैलाश पर्वत भगवान शिव का निवास स्थान है। यहां तक की आज तक कैलाश पर्वत पर कोई भी व्यक्ति नहीं चढ़ पाया है। कैलाश पर्वत की ऊंचाई 6,638  मीटर है जों की तिब्बत के सुंदर कैलाश रेंज में मौजूद हैं। कैलाश पर्वत की संरचना जैसे पिरामिड आकार, खड़ी ढलान, बर्फ की चादर आदि इस पर्वत की चढ़ाई को नामुमकिन बनाते हैं।

नंदा देवी पर्वत (Nanda Devi Parvat)

नंदा देवी पर्वत उत्तराखंड में स्थित है, जिसकी ऊंचाई 7816 मीटर है। नंदा देवी पर्वत भारत में सबसे ऊंचे पर्वतों के सूची में दूसरे स्थान पर आता है। नंदा देवी पर्वत भारत देश की पूरी तरीके से सबसे ऊंची चोटी है, क्योंकि कंचन गंगा पर्वत नेपाल और भारत के सीमावर्ती क्षेत्र में मौजूद है, जबकि यह पर्वत उत्तराखंड में होने के कारण पूरे तरीके से भारत में है।

ओम पर्वत (Om Parvat)

भारत के प्रमुख पर्वतों में से एक पर्वत का नाम ओम पर्वत है, जो कि उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में मौजूद है। ओम पर्वत की ऊंचाई 6151 मीटर है और इसे पवित्र पर्वत माना जाता है। ओम पर्वत की प्रमुख विशेषता यह है कि इस पर्वत के ऊपर प्राकृतिक रूप से ओम लिखा हुआ है, जो कि हिंदू धर्म के लिए महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ओम पर्वत कैलाश पर्वत तथा आदि कैलाश के बीच में मौजूद है। आपको बता दे कि इसका कुछ हिस्सा चीन और नेपाल के सीमा से भी लगा हुआ है।

कामेट पर्वत (Comet Parvat)

कमेंट पर्वत की ऊंचाई 7756 मीटर है, जो कि उत्तराखंड के चमोली जिले में गढ़वाल क्षेत्र की जास्कर पर्वत श्रृंगार का सबसे ऊंचा पर्वत है। आपको बता दे की कामेट पर्वत गढ़वाल हिमालय का दूसरे सबसे ऊंचा पर्वत है। यह पार्वत तिब्बत के बहुत करीब पर स्थित है और तीन प्रमुख पड़ोसी चोटियों से घिरा हुआ है। यह पर्वत भारत का तीसरा सबसे ऊंचा पर्वत है, जबकि विश्व में 29वां सबसे ऊंचा पर्वत की सूची में आता है।

शिशुपाल पर्वत (Shishupal Parvat)

भारत के प्रमुख पर्वतों में से एक शिशुपाल पर्वत अपने खूबसूरती के लिए चारों ओर प्रसिद्ध है। शिशुपाल पर्वत को ही बुदा डोंगर भी कहा जाता है। यह पर्वत 10 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी सबसे ऊंची चोटी का नाम झेमाखुटी है। इस पर्वत पर एक जल प्राप्त भी है जो इसके सुंदरता को बढ़ाता है और लोगों को अपनी और आकर्षित करता है। ऐसा माना गया है कि यह पर्वत कभी राजा शिशुपाल का महल हुआ करता था, लेकिन अंग्रेजों से गिरने पर उन्होंने अपने घोड़े के साथ ही पर्वत से चलांग लगा दी थी।

निष्कर्ष:

देश में मौजूद पर्वत भारत की हमेशा सुंदरता को बढ़ाते हैं। हमारे देश में कई पर्वतों पर धार्मिक तीर्थ स्थान मौजूद है, जहां लोग जाना पसंद करते हैं। ऐसे में इस लेख के द्वारा हमने आपको भारत में मौजूद प्रमुख पर्वतों के बारे में जानकारी दी है। अगर आप भी Bharat ke Pramukh Parvat के बारे में जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए लेख को अंत तक जरूर पढ़ें। उम्मीद करते हैं  उक्त लेख आपको अच्छा लगा होगा, इसे पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

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