Visheshan Kise Kahate Hain – हिंदी व्याकरण में विशेषण एक महत्वपूर्ण विषय है, जिसके बारे में जानकारी होने से हमारा हिंदी व्याकरण के साथ-साथ बोली भी सुधरता है। साथ ही बड़े-बड़े प्रतियोगी परीक्षा में भी Visheshan से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। अगर आप अगर आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं जिसमें हिंदी विषय पूछा जाता है,
तो आपको विशेषण की जानकारी होना अनिवार्य है क्योंकि Visheshan से संबंधित तीन से चार प्रश्न होते हैं। ऐसे में आज के इस लेख के द्वारा हम आपको विशेषण की परिभाषा, भेद और उदाहरण सहित कई जानकारी देने वाले हैं। अगर आप भी Visheshan Kise Kahate Hain से संबंधित जानकारी एकत्रित करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।
Visheshan Kise Kahate Hain (विशेषण किसे कहते हैं)
विशेषण व शब्द होते हैं जो किसी संज्ञा पर सर्वनाम की विशेषता, गुण, स्थिति या मात्र बताते हैं। Visheshan किसी भी प्रकार के संज्ञा व सर्वनाम के बारे में अधिक जानकारी प्रदान करते हैं।
उदाहरण: सुंदर लड़का, बड़ा फूल, कुछ किताबें, बहुत सारे लोग, काला कुत्ता, मीठी चाय, लंबा व्यक्ति, मोटा लड़का, गांधी रोटी आदि।
विशेषण की परिभाषा। Visheshan Ki Paribhasha
आसान शब्दों में कहा जाए तो विशेषण वही शब्द होते हैं जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बदलते हैं। इसका मतलब है कि Visheshan किसी भी चीज के गुण, परिणाम, अवस्था या संबंध को अच्छे तरीके से स्पष्ट करते हैं।
उदाहरण के लिए “सुंदर लड़का” वाक्य में ‘सुंदर’ शब्द विशेषण है जो कि “लड़का” की विशेषता बतला रहा है की लड़का का सुंदर है।
विशेषण के भेद | Visheshan Ke Bhed
आपको बता दे की मुख्य रूप से Visheshan के कुल पांच भेद होते हैं जो कि निम्न है:-
| विशेषण के भेद | |||
| 1 | गुणवाचक विशेषण | ||
| 2 | परिमाण वाचक विशेषण | निश्चिय परिमाण वाचक | |
| अनिश्चिय परिमाण वाचक | |||
| 3 | संख्यावाचक विशेषण | अनिश्चित संख्यावाचक | |
| निश्चित संख्यावाचक | I. गणनावाचक
II. क्रम वाचक III. आवृति वाचक IV. समूह वाचक |
||
| 4 | संकेत वाचक विशेषण या सार्वनामिक वाचक विशेषण
|
||
गुणवाचक विशेषण
जिस शब्द के द्वारा संज्ञा एवं सर्वनाम के गुण, रूप, रंग आदि का बोध होता है उसे गुणवाचक विशेषण कहते हैं। उदाहरण:-
- यह एक सुंदर फूल है।
- मेरा शहर स्वच्छ है।
- यमुना नदी गंदी है।
- सभी बच्चे स्वस्थ हैं।
ऊपर दिए गए वाक्य में स्वच्छ, स्वस्थ, गंदी, सुंदर शब्द गुण वाचक विशेषण है। आपको बता दें की गुण का अर्थ सिर्फ अच्छाई ही नहीं होता है, यह कोई भी विशेषता बता सकता है, जैसे:- बड़ा, छोटा, अच्छा, बुरा आदि। सभी प्रकार के गुण गुणवाचक विशेषण के अंतर्गत आते हैं।
- संज्ञा संबंधी– मुंबईया, लखनवी, बनारसी आदि।
- आकार संबंधी– सुडौल, पोला, गोल, चौकोर, सुंदर आदि।
- गुण संबंधी– उचित, अनुचित, भला, बुरा, पाप, झूठ आदि।
- वर्ण संबंधी– लाल, पीला, नीला, हरा, काला, बैंगनी, सुनहरी आदि।
- स्थान संबंधी– लंबा, चौड़ा, ऊँचा, नीचा, सीधा, बाहरी, भीतरी आदि।
- दशा संबंधी– दुबला, पतला, मोटा, भारी, गाढ़ा, गीला, गरीब, पालतू आदि।
- समय संबंधी– नया, वर्तमान, भूत, पुराना, ताजा, भविष्य, अगला, पिछला आदि।
परिमाण वाचक विशेषण
परिणाम वाचक विशेषण उसे कहते हैं, जिसके द्वारा किसी भी वस्तु की नाप तोल का बोध होता है। उदाहरण:-
- मुझे 1 किलो आटा चाहिए।
- उसे थोड़ा सा चीनी दे दो।
- मुझे 2 मीटर कपड़ा लेनी है।
- मैंने उसे बहुत सारे चॉकलेट दिए हैं।
ऊपर दिए गए वाक्य में 1 किलो, थोड़ा सा, 2 मीटर, बहुत सारे आदि शब्द परिणाम बोधन विशेषण है।
परिणाम वाचक विशेषण के दो भेद होते हैं:-
- निश्चित परिणाम वाचक विशेषण
- अनिश्चित परिणाम वाचक विशेषण
निश्चित परिणाम वाचक विशेषण
जब हमें निश्चित परिणाम का बोध हो उसे निश्चित परिणाम वाचक विशेषण कहते हैं, जैसे:- 5 लीटर दूध, 10 गिलास चाय, 2 मीटर कपड़ा, 1 किलो लड्डू आदि।
अनिश्चित परिणाम वाचक विशेषण
जब हमें अनिश्चित परिणाम का बोध हो उसे अनिश्चित परिणाम वाचक विशेषण कहते हैं, जैसे:- थोड़ा सा दूध, बहुत अनाज, कई मीटर कपड़ा, कई ग्लास दूध आदि।
संख्यावाचक विशेषण
संख्यावाचक विशेषण उस शब्द को कहते हैं जिससे संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का बोध होता है। उदाहरण:-
- दोनों भाई-बहन में बहुत प्रेम है।
- उस लड़की की शादी दूसरी लड़की से होगी।
- इस क्लास में 50 विद्यार्थी पढ़ते हैं।
- देश के कई लोगों ने बलिदान दिया।
ऊपर दिए गए उदाहरण में दोनों, दूसरी, 50 और कई शब्द संख्या वाचक Visheshan है क्योंकि वह संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का बोध करवा रहे है।
संख्या वाचक विशेषण के दो भेद हैं:-
निश्चित संख्यावाचक विशेषण :- चौथा, दस, बारह, बीस, दो आदि।
अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण :- सब, कई, अनेक, बहुत, कम आदि।
संकेत वाचक विशेषण या सार्वनामिक वाचक विशेषण
जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की तरफ संकेत करते हैं उन्हें संकेत वाचक विशेषण कहा जाता है।
दूसरी भाषा में कहा जाए तो जब सर्वनाम शब्दों का इस्तेमाल किसी संज्ञा या फिर किसी अन्य सर्वनाम के लिए किया जाता है, तो उन्हें संकेत वाचक विशेषण कहते हैं। साथ ही आपको बता दें कि सर्वनाम शब्दों से Visheshan बनने के कारण संकेत वाचक विशेषण को सार्वनामिक भी कहते हैं। उदाहरण:-
- वह घर मेरा नहीं है।
- वे व्यक्ति क्या काम करता है।
- मैं ऐसे वैसे लोगों से बात नहीं करता।
- उस व्यक्ति ने अपना काम नहीं किया है।
ऊपर दिए गए उदाहरण में वह, वे, ऐसे–वैसे, उस आदि शब्द संज्ञा यह सर्वनाम की ओर संकेत कर रहे हैं जिसके चलते यह सभी शब्द संकेत वाचक विशेषण है।
विशेष्य
आपको पता है की संज्ञा एवं सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को ही विशेषण कहा जाता है, लेकिन वाक्य में विशेषण जिन संज्ञा या सर्वनाम शब्द की विशेषता बताता है उस शब्द को विशेष्य से कहा जाता है। उदाहरण:-
- सिद्धार्थ पढ़ा लिखा व्यक्ति है।
- शरबत ज्यादा मीठी है।
- रोहित एक ईमानदार नेता है।
- मुकुंद सुंदर है।
विशेषण और विशेष्य में अंतर
विशेषण और विशेष्य में अंतर यह अंतर होता है की संज्ञा एवं सर्वनाम की विशेषता बतलाने वाले शब्द को Visheshan कहते हैं, जबकि विशेषण जिसकी विशेषता बतलाता है उसे विशेष्य से कहा जाता है।
प्रयोग के हिसाब से विशेषण के दो भेद होते हैं:-
उद्देश्य विशेषण :- किसी वाक्य में विशेष्य से पहले आने वाले विशेषण को उद्देश्य विशेषण कहा जाता है।
विधेय विशेषण :- किसी वाक्य में विशेष्य के बाद आने वाले विशेषण को विधेय विशेषण कहा जाता है।
निष्कर्ष:
अगर आप अपनी हिंदी को मजबूत बनाने का सोच रहे हैं या किसी भी तरह की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो विशेषण के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है। आपको बता दे की प्रतियोगी परीक्षाओं में विशेषण से तीन से चार प्रश्न पूछे जाते हैं, इसीलिए आपको Visheshan के बारे में पूरी जानकारी रखनी चाहिए। ऊपर दिए गए लेख में हमने विशेषण किसे कहते हैं? परिभाषा, भेद और उदाहरण | Visheshan Kise Kahate Hain आदि के बारे में संपूर्ण जानकारी दी है। उम्मीद करता हूं कि यह लेख आपको पसंद आया होगा, इसे पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।
इन्हें भी पढ़ें-

